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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का छठा महीना- लकà¥à¤·à¤£, बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और शारीरिक बदलाव
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का छठा महीना शà¥à¤°à¥‚ होने का मतबल है कि दूसरी तिमाही खतà¥à¤® होने में केवल à¤à¤• महीना बचा है। हर माह की तरह इस बार à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को नठअनà¥à¤à¤µ देखने को मिलेंगे। कà¥à¤› अनà¥à¤à¤µ अचà¥à¤›à¥‡ होंगे, तो कà¥à¤› परेशानियां बनकर सामने आà¤à¤‚गे। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने (21वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से 24वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹) की बात करेंगे। इस दौरान होने वाली परेशानियों व सावधानियों से लेकर खानपान और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® तक सब कà¥à¤› इस लेख में आपको मिलेगा। सबसे पहले हम बात करते हैं इस माह नजर आने वाले पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ं की।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठवें महीने के लकà¥à¤·à¤£
à¤à¤¡à¥€à¤®à¤¾ (सूजन) : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने के आसपास, आपको पैरों, टखनों और हाथों पर सूजन दिखाई दे सकती है। इसे à¤à¤¡à¥€à¤®à¤¾ कहा जाता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर में टिशà¥à¤¯à¥‚ के à¤à¥€à¤¤à¤° तरल पदारà¥à¤¥ बनना शà¥à¤°à¥‚ होता है, ताकि आपको और आपके बचà¥à¤šà¥‡ को पोषण मिल सके। शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ पर दबाव में वृदà¥à¤§à¤¿ और à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, पैरों व हाथों में सूजन à¤à¤¡à¥€à¤®à¤¾ के कारण ही होती है। हलà¥à¤•ी-सी सूजन सामानà¥à¤¯ है और यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ à¤à¤• आम लकà¥à¤·à¤£ है (1)।
अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौराना कबà¥à¤œ होना à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। आपको बता दें कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ने के कारण पेट के निचले à¤à¤¾à¤— पर दबाव पड़ता है और अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठफाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ-साथ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना चाहिà¤à¥¤ अगर तब à¤à¥€ कबà¥à¤œ ठीक नहीं होती है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° दवाइयां देते हैं, जिसे थोड़े समय के लिठलेना ही बेहतर होता है (2)।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‚ख लगना : बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की ज़रूरत होती है। यही कारण है कि आपको सामानà¥à¤¯ से अधिक à¤à¥‚ख लगती है। आप अकà¥à¤¸à¤° à¤à¥‚ख महसूस होगी। संà¤à¤µ है कि इस दौरान आपका जंक फूड खाने का दिल करे, लेकिन खà¥à¤¦ पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखें और à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें, जो आपके व आपके शिशॠके लिठफ़ायदेमंद हो।
खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ आना : यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आम लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। वजन बढ़ना à¤à¥€ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ का कारण हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ के चारों ओर टिशà¥à¤¯à¥‚ सूख जाते हैं, जिससे खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान, कà¥à¤› मामलों में खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का संकेत हो सकते हैं, जिसके बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° मासिक रकà¥à¤¤ और मूतà¥à¤° परीकà¥à¤·à¤£ से पता लगा सकते हैं (3)।
पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ : यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सबसे आम लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठशरीर को तैयार करने के लिठहारà¥à¤®à¥‹à¤¨, शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° और मांसपेशियों को ढीला करते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और बढ़ता गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, आपके पेट को आगे बढ़ाता है, जिस कारण पीठमें दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है (4)।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के छठे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव
अà¤à¥€ तक आपका काफी वजन बढ़ गया होगा। इस दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ आमतौर पर पेट के ऊपर à¤à¤• इंच या उससे अधिक तक बढ़ता है। इसके कारण आपकी नाà¤à¤¿ बाहर की ओर निकली हà¥à¤ˆ दिखने लगती है। डिलीवरी के बाद कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक यह इस तरह बनी रहती है, लेकिन कà¥à¤› समय बाद में यह अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में वापस आ जाती है। हर महिला के शरीर अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ के कारण नाà¤à¤¿ का बाहर की ओर निकलना देर से पता चल सकता है।
छठे महीने में मसूड़ों से खून आने की समसà¥à¤¯à¤¾ बनी रहती है। अगर यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• जरूर करें (5)।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ने से पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में खिंचाव होने लगता है। इस वजह से उस à¤à¤¾à¤— में खिंचाव के निशान पड़ सकते हैं, जिस वजह से आपको असहजता महसूस हो सकती है।
हो सकता है कि आपको नकली लेबर पेन (बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨) होने लगे। ये थोड़ी-थोड़ी देर में 30 सेकंड से लेकर à¤à¤• मिनट तक रहने वाले संकà¥à¤šà¤¨ हैं। हालांकि, इस तरह के पेन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° तीसरी तिमाही में होते हैं (6)। अगर तेज दरà¥à¤¦ उठे या फिर निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समयावधि से रà¥à¤•-रà¥à¤• कर हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦ हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
इस दौरान, शिशॠतक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण पहà¥à¤‚चाने के लिठरकà¥à¤¤ की तेज आपूरà¥à¤¤à¤¿ होती है। इस कारण, कà¤à¥€-कà¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡, जैसे पेट के नीचे और जांघों पर नसें उà¤à¤° आ (वैरिकोस वेन) सकती हैं (7)।
बढ़ते रकà¥à¤¤ संचार के कारण हाथ-पैरों पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है, जिस वजह से हाथ-पैरों में कड़ापन आ सकता है।
आगे आप जानेंगे कि गरà¥à¤ में 6 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कितना होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और आकार
गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के विकास को महसूस करना सबसे सà¥à¤–द अनà¥à¤à¤µ होता है। जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¥‡ का विकास होता है, उसकी हलचल शà¥à¤°à¥‚ जाती है। गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की हलचल उसके आने की उतà¥à¤¸à¥à¤•ता को और बढ़ा देगी। यहां जानिठकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 6 महीने में बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¤¾ होती है :
इस दौरान न केवल बचà¥à¤šà¥‡ का वजन, बलà¥à¤•ि लंबाई à¤à¥€ बढ़ती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे बने रकà¥à¤¤ वाहिकाओं की वजह से शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ हो जाती है।
फेफड़ों के परिपकà¥à¤µ होने में अà¤à¥€ समय है।
इस समय बचà¥à¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होगा और जलà¥à¤¦ ही बाहर की आवाजों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देगा। इस महीने के अंत तक बचà¥à¤šà¥‡ की उंगलियां और नाखून विकसित होते हैं और अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के माधà¥à¤¯à¤® से दिखाई देते हैं।
संà¤à¤µ है कि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में आपको बचà¥à¤šà¤¾ अंगूठा चूसता दिखाई दे।
इस महीने के अंत तक शिशॠका सिर शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों मà¥à¤•ाबले अब à¤à¥€ बड़ा होता है।
छठे महीने के अंत तक शिशॠका वजन 900 गà¥à¤°à¤¾à¤® के करीब और उसकी लंबाई 12 इंच के आसपास हो सकती है (8)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में देखà¤à¤¾à¤²
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि अब आप à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ पड़ाव पर हैं, जिसमें आपका शिशॠबाहरी गतिविधियों को à¤à¥€ महसूस और सà¥à¤¨ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में बेहद जरूरी है कि आप à¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ वातावरण में रहें। चिंता व परेशानी आप दोनों की सेहत के लिठसही नहीं है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में आपको अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ से लेकर खानपान तक का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा। इसके अलावा, नीचे लिखे खानपान को अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल करना होगा। आपको छठे महीने के दौरान और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधानी बरतनी चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में आहार | Pregnancy Ke 6 Month Me Kya Khana Chahiye
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ खानपान बेहद जरूरी हैं। आप कà¥à¤¯à¤¾ खाती हैं, कà¥à¤¯à¤¾ पीती हैं, उसका सीधा असर आपके गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠपर पड़ता है। इसलिà¤, आप जो à¤à¥€ खाà¤à¤‚ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खाà¤à¤‚। हो सकता है कि आपकी खाने की पसंद में कà¥à¤› बदलाव हो। इस दौरान, आपको वह पसंद आ सकता है, जो आपको पहले पसंद नहीं था। इसके अलावा, परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी लें और जलà¥à¤¦à¥€ पचने वाला à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाà¤à¤‚।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚?
संतरे à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में खाà¤à¤‚। इसमें विटामिन-सी और फाइबर होता है, जो मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठफायदेमंद है।
विटामिन-सी की आपूरà¥à¤¤à¤¿ के लिठबà¥à¤°à¥‹à¤•ली, टमाटर, दूध, खजूर व मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा का सेवन फायदेमंद होगा।
रात में à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤¸à¤¾ करें, जिसे पचाने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल न हो।
इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में कबà¥à¤œ होना आम है, तो इससे निपटने के लिठफाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार का सहारा लें।
इस महीने के दौरान आयरन की कमी होने की आशंका सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। इसलिà¤, आयरन समृदà¥à¤§ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ-साथ कà¥à¤› आयरन के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ ले सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाà¤à¤‚?
कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को अचानक ऑयली फासà¥à¤Ÿ फूड खाने का मन करता है, लेकिन इस दौरान यह चीजें खाने से बचें। इनके सेवन से चिड़चिड़ापन व थकावट का सामना करना पड़ सकता है।
उचà¥à¤š मरकरी वाली मछली, कचà¥à¤šà¥‡ अंडे व कचà¥à¤šà¤¾ मांस न खाà¤à¤‚। यह à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में बाधा पहà¥à¤‚चाते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सॉफà¥à¤Ÿ चीज़ खाने से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया गया दूध पॉशà¥à¤šà¤¯à¤°à¤•ृत नहीं होता, जिससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ हो सकती है (9)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® हर किसी के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठजरूरी है। बात रही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की, तो इस दौरान वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना सेहत और शिशॠके लिठफायदेमंद है (10)। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना फायेदमंद होता है। इसके अलावा, सांस संबंधी वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, जैसे:-अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम करना चाहिà¤à¥¤ नीचे हम गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने के दौरान किठजाने वाले वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के नाम बता रहे हैं :
किगल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ क दौरान कीगल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना फायदेमंद हो सकता है (11)। इससे शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ à¤à¤¾à¤— की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मूतà¥à¤° न रोक पाने की समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ आराम मिलता है।
चेयर पोज
चेयर पोज को उतà¥à¤•षà¥à¤Ÿà¤¾à¤¸à¤¨ à¤à¥€ कहा जाता है। इससे टखनों, जांघों और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ मजबूती होती है। यह आसन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठफायदेमंद माना जाता है।
जॉगिंग करना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जॉगिंग करना फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसे करते समय à¤à¤• बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कि आप खà¥à¤¦ को बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ थकाà¤à¤‚ नहीं। धीरे-धीरे जॉगिंग करें और हमेशा अपने साथ किसी परिवार के सदसà¥à¤¯ को रखें।
नोट : आप ये वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® व योगासन किसी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤° की देखरेख में ही करें।
आइà¤, अब बात करते हैं इस महीने होने वाले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के टेसà¥à¤Ÿ के बारे में।
छठे महीने में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤•ैन और परीकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का छठा महीना यानी दूसरी तिमाही के आखिरी महीने में सही खानपान के साथ-साथ नियमित रूप से चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ जांच करवाना à¤à¥€ जरूरी होता है। इसमें यह पता लगाया जाता है कि शिशॠका विकास ठीक से हो रहा है या नहीं। इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का माप व वजन जैसे सामानà¥à¤¯ टेसà¥à¤Ÿ किठही जाते हैं। इसके अलावा, जानिठछठे महीने में और कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ जांच की जाती है (12) :
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ : शà¥à¤—र और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° जांचने के लिठयूरिन टेसà¥à¤Ÿ किया जाà¤à¤—ा।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की जांच : इस महीने में मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना आम है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाली शà¥à¤—र को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ (Gestational diabetes) कहा जाता है। इसकी जांच के लिठपहले आपको गà¥à¤²à¥à¤•ोज वाला पानी पिलाया जाà¤à¤—ा फिर रकà¥à¤¤ का नमूना लिया जाà¤à¤—ा। इसे गà¥à¤²à¥à¤•ोज टोलरेंस टेसà¥à¤Ÿ (Glucose tolerance test) कहा जाता है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड : वहीं, बचà¥à¤šà¥‡ के विकास की जांच के लिठआवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ने पर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड किया जाता है। इसके जरिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधि व उसका विकास चेक करते हैं।
कà¥à¤µà¤¾à¤¡ सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ : इस महीने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में कà¥à¤µà¤¾à¤¡ सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ कराया जा सकता है। इसमें गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के रकà¥à¤¤ का नमूना लिया जाता है और लैब में टेसà¥à¤Ÿ के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¾ जाता है। हालांकि, इस टेसà¥à¤Ÿ में किसी बीमारी की जांच नहीं की जाती। बस इससे यह पता लगाया जाता है कि आगे और कोई टेसà¥à¤Ÿ करने की ज़रूरत है या नहीं (13)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¥à¤› सावधानियां à¤à¥€ बरतने की जरूरत होती है, जिसके बारे में हम आगे बताने जा रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने के दौरान सावधानियां – कà¥à¤¯à¤¾ करें और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं
सावधानियां आने वाली बड़ी-बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचा लेती हैं। रही बात गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की, तो इस दौरान à¤à¥€ आपको तमाम सावधानियां बरतने की जरूरत होती है, ताकि होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ और मां को किसी तरह की परेशानियां न हो। नीचे हम बताने जा रहे हैं कि छठे महीने के दौरान कà¥à¤¯à¤¾ करें कà¥à¤¯à¤¾ न करें :
चूंकि, अब बचà¥à¤šà¥‡ के आने में कà¥à¤› ही महीने बचे हैं, तो अब आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ का नाम सोचना शà¥à¤°à¥‚ कर दें।
अगर अà¤à¥€ तक गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के कपड़े नहीं खरीदे हैं, तो बाजार जाकर ले आà¤à¤‚। ढीले-ढाले कपड़े पहनें, जो आपको आराम पहà¥à¤‚चाà¤à¤‚गे।
डिलीवरी के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में पहले से ही पंजीकरण करा लें, ताकि समय आने पर किसी तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ न हो।
इस दौरान आपको पैरों में सूजन या हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है। इसके लिठटांगों को थोड़ी देर के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में डालने से आराम मिल सकता है।
यह समय है अपने परिवार के साथ समय बिताने का। बेबी के आने से पहले कà¥à¤› और खà¥à¤¶à¥€ के पल घरवालों के साथ बिताने से आपको और अचà¥à¤›à¤¾ महसूस होगा।
आप बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ तनाव न लें, हमेशा सकारातà¥à¤®à¤• सोच बनाà¤à¤‚ रखें और खà¥à¤¶à¥€ के साथ अपने आने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤—त की तैयारी करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने के दौरान चिंताà¤à¤‚
जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय बढ़ता जाà¤à¤—ा, हर महीने कà¥à¤› न कà¥à¤› अलग-अलग अनà¥à¤à¤µ होते रहेंगे। सà¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ अचà¥à¤›à¥‡ हों, à¤à¤¸à¤¾ जरूरी नहीं है। बात की जाठछठे महीने की, तो इस दौरान कà¥à¤› अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ आती हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ : इस महीने में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अनिदà¥à¤°à¤¾ की परेशानी होना आम है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° यह समसà¥à¤¯à¤¾ रात को बार-बार पेशाब जाने की वजह से होती है। जब बढ़े हà¥à¤ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के कारण मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ता है, तो बार-बार पेशाब आता है। इसके अलावा, रात में जब शिशॠकिक मारता है, तब à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की नींद टूट जाती है।
शरीर में दरà¥à¤¦ : जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय बढ़ेगा, आपको शरीर में दरà¥à¤¦ रहने की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ सकती है। यह दरà¥à¤¦ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने के कारण होता है। इस दरà¥à¤¦ को राउंड लिगामेंट दरà¥à¤¦ कहा जाता है।
हाथ-पैरों में à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में रकà¥à¤¤ संचार बढ़ने के कारण आपके हाथों और पैरों में à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° उन महिलाओं के साथ होता है, जो ऑफिस में काम करती हैं। लगातार कंपà¥à¤¯à¥‚टर पर काम करने से हाथों में à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ होती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठआप बीच-बीच में अपने हाथों को आराम देती रहें।
होने वाले पिता के लिठटिपà¥à¤¸
इसमें कोई दो राय नहीं है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ न सिरà¥à¤« à¤à¤• महिला के लिठवरदान है, बलà¥à¤•ि होने वाले पिता के लिठà¤à¥€ किसी उपहार से कम नहीं है। इसलिà¤, à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को हौसला देने की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ निà¤à¤¾à¤¨à¥€ चाहिà¤à¥¤ जैसे-जैसे डिलीवरी का समय नजदीक आता है, महिला की घबराहट बढ़ती जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में पति होने के नाते आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठमानसिक रूप से अपनी पतà¥à¤¨à¥€ को तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सही समय पर जांच करवाना आपकी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ होती है।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने में यातà¥à¤°à¤¾ करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
हां, अगर आपको किसी तरह की चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है, तो दूसरी तिमाही के दौरान यातà¥à¤°à¤¾ करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। फिर à¤à¥€ à¤à¤• बार यातà¥à¤°à¤¾ करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें (14)।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बवासीर हो सकती है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होना आम है। अगर यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती हैं, तो बवासीर की परेशानी होने लगती है। इससे बचने के लिठजितना हो सके फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खाना खाà¤à¤‚ और दिन में आठ-दस गिलास पानी जरूर पिà¤à¤‚। समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें (15)।
उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के छठे महीने से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जरूरी बातें, आपको पता चल गई होंगी। यह कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ सामानà¥à¤¯ बातें थीं, जिनकी जानकारी हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को होना जरूरी है। यह जानकारी उन सà¤à¥€ महिलाओं के साथ à¤à¥€ शेयर करें, जो छठे महीने की गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं। अनà¥à¤¯ महीनों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ à¤à¤¸à¥€ जानकारी के लिठमॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के दूसरे आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल जरूर पढ़ें।
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